कन्हैया कुमार को हिरासत में लिया गया

जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बिहार के पश्चिमी चंपारण से गिरफ्तार कर लिया गया है। कन्हैया कुमार की अगुवाई में एक रैली का आयोजन किया जाना था जो नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर था।

वहीं कन्हैया कुमार ने अपने इस कार्यक्रम की सूचना पुलिस को पहले से दी थी लेकिन बसंत पंचमी का अवसर होने की वजह से पुलिस ने उन्हें किसी भी कार्यक्रम या जुलूस करने से इंकार कर दिया था। बावजूद इसके कन्हैया बेतिया के गांधी मैदान में सभा को संबोधित करने वाले थे हालांकि पुलिस ने उन्हें सभा से पहले ही गिरफ्त में ले लिया।

हालांकि बाद में कन्हैया कुमार को भितिहरवा आश्रम के बाहर सभा करने की अनुमति मिली जिसके दौरान कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार और राज्य में नीतीश कुमार सरकार की जमकर आलोचना की।

एअरलिफ्ट होंगे चीन में फंसे भारतीय

चीन में अब तक करॉना वायरस से 170 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं यह वायरस विश्व के 17 देशों को अपने प्रभाव में मैं ले चुका है। भारत सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए चीन में फंसे अपने नागरिकों को एयरलिफ्ट करने का निर्णय लिया है।

इस कार्यवाही के लिए भारत के दूतावास ने चीन सरकार से 2 विमानों के संचालन की अनुमति मांगी है। भारत सरकार की तरफ से कहा गया है कि चीन के हुबेई प्रांत के आसपास रहने वाले लोगों को 2 हवाई जहाजों के माध्यम से भारत लाया जाएगा।

वहीं भारतीय दूतावास ने इस बात की भी सूचना दी है कि चीन में अब तक किसी भारतीय के करॉना वायरस से प्रभावित होने की खबर नहीं है। भारत के 600 नागरिकों से संपर्क स्थापित किया जा चुका है जो इस समय हुबेई प्रांत में रह रहे हैं।

राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी ‘प्रमोद त्यागी’ के कार्यालय का उद्घाटन

बुराड़ी विधानसभा से कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी प्रमोद त्यागी के चुनावी कार्यालय का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। इस उद्घाटन कार्यक्रम में कांग्रेस सहित राष्ट्रिय जनता दल के सभी क्षेत्रीय कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।

वहीं मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा, राष्ट्रीय जनता दल के प्रधान सचिव कमर आलम तथा कांग्रेस के दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री प्रोफेसर किरण वालिया भी मौजूद रहीं।

उद्घाटन समारोह में उपस्थित राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल का गठबंधन बहुत ही अनूठा है क्योंकि एक का चिन्ह है हाथ का पंजा और दूसरे का चिह्न है लालटेन और आप सभी तो जानते ही हैं कि हाथ के बिना लालटेन नहीं उठती।

वहीं मनोज झा ने संयुक्त प्रत्याशी प्रमोद त्यागी को वोट देने की अपील के साथ ही कहा कि जब टिकट के लिए पूर्वांचली बैकग्राउंड के नेता की तलाश हो रही थी तब राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव ने संदेश भिजवाया कि जिसके दिल में पूर्वांचल बसता हो वही असली पूर्वांचली है।

इसलिए इन सभी कसौटी के ऊपर प्रमोद त्यागी खरा उतरते हैं और आप इन्हें अधिक से अधिक मात्रा में वोट दें। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व मंत्री किरण वालिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी की मानसिकता से सभी परिचित है और देश सहित दिल्ली प्रदेश इन पार्टियों के विचारधारा के भुक्तभोगी रहे हैं।

ऐसे में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के गठबंधन के रूप में आशा की किरण नजर आई है और आप वायु सेना के पूर्व सैनिक प्रमोद त्यागी को अपने वोट जरूर दें।

पूर्व मंत्री किरण वालिया ने देश में फैली सांप्रदायिकता पर भी अपनी बात रखी और कहा कि हम चाहे जिस भी धर्म से संबंध रखते हो सभी को रोटी, कपड़ा और मकान तथा रोजगार की जरूरत होती है और हमारे सामने यह मुद्दा होना चाहिए ना कि धर्म को मुद्दा बनाना चाहिए।

सर्वदलीय बैठक में पीएम ने कहा बजट से पहले विपक्ष की राय लेगी सरकार

गुरुवार को संसद के बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक का उद्देश्य बजट से पहले देश के सभी दलों के साथ इस पर चर्चा करना था। 31 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले इस बैठक में उपस्थित हुए राजनीतिक दलों ने देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सीएए, एनआरसीसी, एनपीआर और कश्मीर की स्थिति पर भी सरकार के साथ चर्चा की मांग की।

बता दें कि बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी भी मौजूद थे। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने मिडिया को संबोधित करते हुए कहा कि देश में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखकर लगता है कि सरकार ने अहंकार का रूप धारण कर लिया है और प्रदर्शनकारियों की बिल्कुल नहीं सुनी जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के लाए हुए किसी भी विधेयक पर विपक्ष सहयोग अवश्य करेगा लेकिन बिना चर्चा सहयोग करना संभव नहीं है।

पुण्यात्मा ‘माखनलाल चतुर्वेदी’

श्री माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म 4 अप्रैल, 1889 को ग्राम बाबई, जिला होशंगाबाद, मध्य प्रदेश में श्री नन्दलाल एवं श्रीमती सुन्दराबाई के घर में हुआ था। उन पर अपनी माँ और घर के वैष्णव वातावरण का बहुत असर था। वे बहुत बुद्धिमान भी थे। एक बार सुनने पर ही कोई पाठ उन्हें याद हो जाता था। चैदह वर्ष की अवस्था में उनका विवाह हो गया। इस समय तक वे ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से कविताएँ व नाटक लिखने लगे थे।

1906 में कांग्रेस के कोलकाता में सम्पन्न हुए अधिवेशन में माखनलाल जी ने पहली बार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के दर्शन किये। अपने तरुण साथियों के साथ उनकी सुरक्षा करते हुए वे प्रयाग तक गये। तिलक जी के माध्यम से वे क्रान्तिकारियों के सम्पर्क में आये। महाराष्ट्र के क्रान्तिवीर सखाराम गणेश देउस्कर से दीक्षा लेकर उन्होंने अपने रक्त से प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर किये। फिर उन्होंने पिस्तौल चलाना भी सीखा।

इसके बाद उनका रुझान पत्रकारिता की ओर हो गया। उन्होंने अनेक हिन्दी और मराठी के पत्रों में सम्पादन एवं लेखन का कार्य किया। इनमें कर्मवीर, प्रभा और गणेशशंकर विद्यार्थी द्वारा कानपुर से प्रकाशित समाचार पत्र प्रताप प्रमुख हैं। वे श्रीगोपाल, भारत सन्तान, भारतीय, पशुपति, एक विद्यार्थी, एक भारतीय आत्मा आदि अनेक नामों से लिखते थे। खंडवा से उन्होंने ‘कर्मवीर’ साप्ताहिक निकाला, जिसकी अपनी धाक थी।

1915 में उनकी पत्नी का देहान्त हो गया। मित्रों एवं रिश्तेदारों के आग्रह पर भी उन्होंने पुनर्विवाह नहीं किया। अब वे सक्रिय रूप से राजनीति में कूद पड़े और गान्धी जी के भक्त बन गये। गांधी जी द्वारा 1920, 1930 और 1940 में किये गये तीन बड़े आन्दोलनों में माखनलाल जी पूरी तरह उनके साथ रहे।

गांधी जी के अतिरिक्त उन पर स्वामी रामतीर्थ, विवेकानन्द, रामकृष्ण परमहंस आदि सामाजिक व आध्यात्मिक महापुरुषों का बहुत प्रभाव था। उनके ग्रन्थालय में अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, धर्मशास्त्र, दर्शन, मनोविज्ञान आदि अनेक विषयों की पुस्तकों की भरमार थी। खंडवा (मध्य प्रदेश) में रहकर उन्होंने अपनी पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से समाजसेवा का आलोक चहुँदिश फैलाया।

माखनलाल जी को सन्तों की कविताएँ बहुत पसन्द थीं। निमाड़ के सन्त सिंगाजी से लेकर निर्गुण और सगुण सभी तरह के भक्त कवियों और सूफियों की रचनाएँ उन्हें प्रिय थीं। वे पृथ्वी को अपनी माता और आकाश को अपने घर की छत मानते थे। विन्ध्याचल की पर्वतशृंखलाएँ एवं नर्मदा का प्रवाह उनके मन में काव्य की उमंग जगा देता था। इसलिए उनके साहित्य में बार-बार पर्वत, जंगल, नदी, वर्षा जैसे प्राकृतिक दृश्य दिखायी देते हैं।

माखनलाल जी के साहित्य में देशप्रेम की भावना की सुगन्ध भी भरपूर मात्रा में दिखायी देती है। ‘एक फूल की चाह’ उनकी प्रसिद्ध कविता है –

मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक।
मातृभूमि हित शीश चढ़ाने, जिस पथ जायें वीर अनेेक।।

गांधी जी के अनन्य भक्त होने के कारण उन पर माखनलाल जी ने बहुत सी कविताएँ एवं निबन्ध लिखे हैं। लोकमान्य तिलक एवं जवाहरलाल नेहरु पर भी उन्होंने प्रचुर साहित्य की रचना की है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद भारत में उन्हें राष्ट्रकवि एवं पद्मभूषण के सम्मान से विभूषित किया गया।

माखनलाल चतुर्वेदी ने हिन्दी साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में नये प्रतिमान स्थापित किये। 30 जनवरी, 1968 को उनका देहान्त हुआ।

क्या केजरीवाल के साथ जाएंगे प्रशांत किशोर?

बिहार के जनता दल यूनाइटेड निकाले जाने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह कि 11 फरवरी को स्पष्ट करेंगे कि अपनी राजनीतिक कैरियर आगे बढ़ाएंगे या वह किसी और क्षेत्र में जाएंगे।

प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद कयास लगाया जाए कि वह आम आदमी पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं क्योंकि 11 फरवरी को दिल्ली में चुनाव के परिणाम आने वाले हैं। बता दें कि प्रशांत किशोर जनता दल यूनाइटेड में उपाध्यक्ष के पद पर होते हुए भी दिल्ली में केजरीवाल की पार्टी के लिए कैंपेन कर रहे हैं।

वहीं बिहार में आरजेडी के नेता तेज प्रताप ने कहा है कि अगर प्रशांत किशोर चाहे तो आरजेडी ज्वाइन कर सकते हैं।

सीए के खिलाफ मार्च के दौरान चली गोली

दिल्ली के जामिया नगर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जामिया मिलिया इस्लामिया के स्टूडेंट द्वारा मार्च निकाला जा रहा था। इस विरोध मार्च के दौरान जामिया नगर में एक युवक ने मार्च निकाल रहे स्टूडेंट्स के ऊपर देसी कट्टे से फायरिंग कर दी।

इस फायरिंग में जामिया के मास कम्युनिकेशन एक स्टूडेंट जिसका नाम शाहदाब बताया जा रहा है घायल हो गया और उसे आनन-फानन में होली फैमिली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि जब फायर करने वाला शख्स तमंचा लहरा रहा था तब दिल्ली पुलिस मूकदर्शक बनकर देख रही थी।

हालांकि पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है और उसका नाम गोपाल बताया जा रहा है। प्राथमिक पूछताछ में इस व्यक्ति ने अपने आप को रामभक्त बताया है और ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है।

उद्धव मंदिर बनाएंगे अयोध्या में तो मैं मस्जिद बनाऊंगा – फरहान आज़मी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर अयोध्या जाने का फैसला किया है। उधर ठाकरे के इस बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी के बेटे फरहान आज़मी ने एक भड़काऊ बयान दिया है।

फरहान आजमी का कहना है कि अगर मुसलमानों को डराने के लिए उद्धव ठाकरे अयोध्या में मंदिर का निर्माण कराएंगे तो वह भी अयोध्या में ही बाबरी मस्जिद का निर्माण करेंगे। बता दें कि यह भाषण फरहान आजमी ने 27 जनवरी को तब दिया था जब वह नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक रैली को संबोधित कर रहे थे जो कि मुंबई में आयोजित हुई थी।

इतना ही नहीं फरहान आजमी ने यहां तक कह डाला कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले से वो खुश नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया भर में मुसलमान 2।5 अरब की संख्या में हैं और 50 से अधिक मुस्लिम देश हैं जो खुशी-खुशी भारतीय मुसलमानों को स्वीकार कर लेंगे लेकिन हम भारत में ही रहेंगे।

शरजील इमाम ने कबूल किया अपने भड़काऊ भाषण की बात

बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किए गए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्कॉलरशिप शरजील इमाम ने यह स्वीकार कर लिया है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में उसने भड़काऊ भाषण दिए थे और वायरल हो रहा वीडियो उसी का है।

वहीं जब दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इस बयान के बारे में पूछा तो शरजील का कहना था कि वह लगभग 1 घंटे से अधिक समय तक अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित कर रहा था और इस दौरान जोश जोश में उसने असम को भारत से अलग करने की बात कह दी। बता दें कि जैसे ही 25 जनवरी को शरजील इमाम के खिलाफ FIR हुए वह अंडरग्राउंड हो गया और अपने गांव काकू में जाकर एक इमामबाड़े में छुप गया।

चुकी इमामबाड़ा ताज़िया रखने की जगह होती है ऐसे में शरजील को वहां से निकालना बेहद मुश्किल था। इसके लिए पुलिस ने कुछ लोकल लोगों की मदद ली और जैसे ही शरजील इमामबाड़े से बाहर आया तो उसे गिरफ्तार कर पहले पटना फिर दिल्ली लाया गया। बता दें कि कई और राज्यों की पुलिस शरजील से पूछताछ करेगी।

करॉना वायरस: दिल्ली -एनसीआर में मिले तीन संदिग्ध

चीन में फैले करॉना वायरस से अब तक 170 लोगों की मौत हो चुकी है और इस वायरस की चपेट में 1737 लोग आ चुके हैं वहीं पिछले 24 घंटे में इस वायरस ने 38 लोगों की जान ली है। चीन के अलावा यह वायरस यूएस, फ्रांस, भारत, जापान में भी अपने पैर फैला चुका है। वहीं भारत के कई शहरों में इस वायरस से पीड़ित मरीज पाए जा रहे हैं। हालिया मामले में दिल्ली एनसीआर में तीन संदिग्धों की पहचान हुई है जिन जिन में करॉना वायरस होने की संभावना जताई गई है।

बता दें कि दिल्ली के सभी एयरपोर्ट पर बेहद सख्ती से करॉना वायरस की जांच की जा रही है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत एयरपोर्ट से राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में जांच के लिए भेज दिया जा रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान हुई है जिन्हें करॉना वायरस के प्राथमिक लक्षण दिखे हैं।

इनमें 2 लोग गुड़गांव के हैं तथा एक गाजियाबाद से है। इन तीनों का प्राथमिक इलाज के बाद इन्हें घर भेज दिया गया है और जिला स्वास्थ्य विभाग को इन पर निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।