कोरोना वायरस के चलते पद्म अवार्ड सहित सभी घरेलू मैच रद्द

भारत में कोरोना वायरस से तीन मरीजों की मौत के बाद इसके संकट गहराते जा रहे हैं। वहीं भारत सरकार ने 3 अप्रैल को आयोजित होने वाले पद्म अवार्ड समारोह को भी अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। इस समारोह को लेकर नई तारीख की घोषणा भी नहीं की गई है।

इतना ही नहीं भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई ने यह फैसला किया है कि सभी घरेलू क्रिकेट के फॉर्मेट को अस्थाई समय के लिए रद्द कर दिया जाएगा।

आगामी दिनों में संपन्न होने वाले सीनियर वूमेन वनडे नॉकआउट मैच, विजय हजारे ट्रॉफी,पेटीएम ईरानी कप, सीनियर वुमेन वनडे चैलैंजर, वुमेन अंडर 19 वनडे नॉकआउट, वुमेन अंडर 19 टी-20 लीग, सुपर लीग और नॉकआउट, वुमेन अंडर 19 टी-20 चैलैंजर ट्रॉफी, वुमेन अंडर 23 नॉकआउट, वुमेन अंडर 23 वनडे चैलेंजर जैसे सभी क्रिकेट फॉर्मेट को रद्द कर दिया गया है।

जीएसटी काउंसिल की बैठक: महंगा होगा मोबाइल फोन खरीदना

14 मार्च को संपन्न हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में मोबाइल फोन पर जीएसटी दर बढ़ाते हुए इसे 12 प्रतिशत से 18 प्रतिशत कर दिया गया है। अब भारत में मोबाइल फोन महंगे दामों पर बिकेंगे क्योंकि अब इन पर ज्यादा जीएसटी देना पड़ेगा।

बता दें कि जीएसटी काउंसिल की यह 39वीं बैठक थी जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित तमाम राज्यों के वित्त मंत्री और बड़े अधिकारी शामिल हुए थे। वहीं इस जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोरोना वायरस के चलते देश को होने वाले आर्थिक नुकसान पर भी चर्चा हुई।

तीसरे स्टेज से पहले निपटना होगा भारत को कोरोना वायरस से नहीं तो होगी बड़ी तबाही

भारत के बड़े डॉक्टरों में शामिल डॉ. बलराम भार्गव ने कोरोना वायरस के बारे में चौकाने वाले खुलासे करते हुए कहा है कि भारत में फैले कोरोना वायरस का यह सेकंड स्टेज है, वहीं थर्ड स्टेज के आने से पहले भारत सरकार को कोरोना वायरस पर पूर्ण रूप से नियंत्रण पाना होगा।

डॉ. बलराम भार्गव का कहना है कि कोरोना सेकेण्ड स्टेज में उन्हीं लोगों में फैल रहा है जो संक्रमित देश से लौटे हैं। वहीं तीसरे स्टेज में यह संक्रमित लोगों से भारत के लोकल लोगों में फैलने लगेगा।

इस स्थिति से बचने के लिए भारत के के पास 30 दिनों का समय है, इस दौरान अगर कोरोना वायरस पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो यह महामारी का रूप ले लेगा और इसके चपेट में लाखों लोग आ जाएंगे।

कोरोना वायरस से मरने वालों को मिलेंगे 4 लाख का मुआवजा

केंद्र सरकार ने COVID-19 यानी कि कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए इसे आपदा घोषित कर दिया है। वहीं इस वायरस से संक्रमित हो कर मरने वालों को केंद्र सरकार की तरफ से 4 लाख मुआवजे की तौर पर दिया जाएगा। यह आर्थिक मदद स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फंड यानी SDRF के अंतर्गत दिया जाएगा।

इतना ही नहीं उन लोगों के परिवारों को भी आर्थिक सहायता देने की सरकार ने घोषणा की है जो के कोरोना वायरस के राहत अभियान में शामिल है और इस गतिविधि के दौरान उनकी मौत हो जाती है।

बता दें कि भारत में अब तक कोरोना वायरस से 2 लोग अपनी जान गवां चुके हैं और 83 लोग इस वायरस की चपेट में हैं।

भारत में करोना के 10 मरीज हुए ठीक

तरफ जहां भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 82 हो गई है और 2 मरीज अपनी जान गवा चुके हैं। वहीं खबर आ रही है कि भारत में अब तक कोरोना से पीड़ित 10 मरीज ठीक हो चुके हैं।

बता दें कि कुछ दिन पहले केरल के तीन मरीजों को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल से ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई थी। वहीं 7 अन्य मरीजों को भी दिल्ली के सफदरगंज अस्पलात में ठीक कर दिया गया है।

हालाँकि इन्हे भी घर जाने की परमिशन नहीं मिली है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि भारत में जितने भी कोरोना वायरस के मामले की पुष्टि हुई है उनमें सिर्फ 65 ही भारतीय हैं जबकि 16 इटली से आए हुए हैं और 1 कनाडा का नागरिक है। वहीं 4000 ऐसे लोगों की भी पहचान की गई है जो इन संक्रमित लोगों के संपर्क में रह चुके हैं।

मोबाइल फोन पर 96 घंटे तक जिंदा रह सकता है कोरोना वायरस

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए जहां लगातार अपने हाथों को साफ रखने और सेनेटाइजर के प्रयोग की बात कही जा रही है। वहीं सबसे बड़ी चिंता मोबाइल फोन को लेकर है क्योंकि यह वह डिवाइस है जो लगातार लोगोंके हाथों में रहती है।

वहीं इसके जरिए वायरस फैलने के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। सार्स वायरस के डाटा कलेक्शन में यह बात स्पष्ट की गई है कि ग्लास साइड पर कोरोना वायरस के 96 घंटे तक जिंदा रह सकते हैं।

इस लिए यह बेहद जरुरी है कि आप अपने पहन को सही तरीके से साफ करें। इसके लिए आप माइक्रोफाइबर कपड़े का प्रयोग करें और साबुन और पानी के घोल से अपने फोन को साफ करें।

RSS की सबसे बड़ी सभा को कोरोना की चलते रद्द किया गया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सालाना बैठक को कोरोना वायरस के चलते रद्द कर दिया गया है। बेंगलुरु में यह सालाना बैठक 15 से 17 मार्च के बीच होने वाला था।

RSS प्रमुख सरकार्यवाहक सुरेश भैया जी जोशी ने एक बयान रिलीज करते हुए कहा है कि देश में फैली महामारी कोविड-19 यानि कि कोरोनावायरस ध्यान में रखते हुए वार्षिक सम्मलेन ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ को स्थगित किया जा रहा है।

उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से यह अपील भी किया कि वे अपने क्षेत्रों में घूमकर लोगों को कोरोना से बचने के लिए जागरूकता फैलाएं और प्रशासन की मदद करें। निरस्त हुए इस बैठक को लेकर कहा जा रहा है कि देश में दूर-दूर से आने वाले बहुत सारे प्रतिनिधि निकल चुके हैं और रास्ते में हैं, ऐसे में उन्हें अब उन्हें वापस जाकर कोरोना की मुहिम का हिस्सा बनने के आदेश दिए गए हैं।

बर्ड फ्लू की आशंका के चलते केरल में मुर्गा -मुर्गियों को मारने के आदेश

एक तरफ जहां देश कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहा है, वहीं केरल राज्य में बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। इस सूचना के बाद केरल सरकार ने सभी पोल्ट्री फॉर्म में पल रहे मुर्गे और मुर्गियों को मारने के आदेश दे दिए हैं।

बता दें कि केरल के मलप्पुरम जिले में पलथींगल में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। वहीं इस एरिया के 1 किलोमीटर की रेंज में मुर्गियों को मारने के आदेश जारी किए गए हैं।

इतना ही नहीं इस एरिया के 10 किलोमीटर के क्षेत्र में चिकन पालतू जानवर और अंडे तक बेचने पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। बता दें कि केरल में अब तक 19 कोरोना वायरस के मरीज पाए गए हैं।

हॉस्पिटल से फरार हुए कोरोना के पांच संदिग्ध मरीज

भारत में कोरोना वायरस से अब तक 2 लोगों की मौत के बाद भारत में कोरोना वायरस को लेकर चिंता गहरी होती जा रही है। बता दें कि इस संक्रमण में के चपेट में भारत में 82 लोग आ चुके हैं।

वहीं नागपुर के इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से एक बेहद चौकाने वाली खबर आ रही है। यहाँ कोरोना वायरस से संक्रमित पांच संदिग्ध मरीज हॉस्पिटल छोड़ भाग गए हैं। वहीं पुलिस ने इस खबर के बाद पूरे नागपुर शहर को हाई अलर्ट में डाल दिया है और नाकेबंदी कर इन 5 मरीजों को ढूंढा जा रहा है।

बता दें कि दुनिया भर में कोरोना वायरस से अब तक डेढ़ लाख के आसपास लोग संक्रमित हो चुके हैं और 5 हजार से अधिक लोग संक्रमण के चलते मारे जा चुके हैं।

दिल्ली हिंसा में शामिल महिलाओं की पहचान के बाद धरपकड़ जारी

दिल्ली में हुई हिंसा में शामिल महिलाओं के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने अहम सबूत इकट्ठा किए हैं। इस हिंसा में शामिल 6 महिलाओं की पहचान भी कर ली गई है और इस संदर्भ में उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।

मिले सबूतों के आधार पर चाँद बाग इलाके में हुई हिंसा के दौरान 70 से 80 महिलाएं घटना में शामिल थी और पुलिस के ऊपर पथराव करती हुई नजर आयीं। वहीं ज्यादातर महिलाओं ने बुर्का पहन रखा था जिसके कारण उन्हें पहचानने में दिक्कत आयी।

हालांकि सर्विलांस और वीडियो फुटेज के आधार पर 6 महिलाओं की पहचान कर ली गई है।